स्वस्थ भारत पर सचिन तेंदुलकर ने की पहल

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर ने महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव से आग्रह किया है कि खेल को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाये। उन्होंने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि यह देश युवाओं की बहुलता वाला देश है। मधुमेह का शिकार भी बड़ी तेजी से हो रहा है। ऐसे में अगर इसको स्वस्थ बनाये रखना है तो खेल को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। सचिन ने बीते दिनों राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि महाराष्ट्र के सभी विश्वविद्यालयों में युवा और स्वस्थ भारत अभियान चलाया जाए जिससे युवा पीढ़ी निरोगी हो। चिंता जतायी कि भारत विश्व में मोटे व्यक्तियों के लिहाज से तीसरे स्थान पर है। यह चिंता की बात है।

उन्होंने कहा कि 2020 में देश की 60 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष की आयु वाले लोगों की होगी। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह युवा पीढ़ी पूरी तरह स्वस्थ नहीं रह सकेगी। यह युवा भारत बीमार युवाओं की राजधानी बन जाएगा। इससे बचने के लिए हर स्कूल, महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय में एक घंटे का समय विद्यार्थियों को खेल के लिए दिया जाए। विश्वविद्यालय में खेल को बढ़ावा देने के लिए सचिन तेंदुलकर के खुद आगे आने की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तेंदुलकर ने जो प्रस्ताव रखा है, उसे अमल में लाने के लिए जितना भी संभव हो सकेगा, किया जाएगा। राज्यपाल ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों के खिलाडि़यों को अपनी तरफ से सहयोग करने की सचिन की घोषणा की मुक्त कंठ से सराहना की। सचिन तेंदुलकर ने राज्यपाल से कहा कि इस अभियान को वे राज्य के सभी विश्विद्यालयों में अच्छी तरह से अमल में लाने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों को कुशल खिलाड़ी बनाने के लिए कुशल प्रशिक्षकों की सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति की जाए। मई माह में सचिन तेंदुलकर ने पुणे के सावित्री बाई फुले विश्वविद्यालय में युवा तथा स्वस्थ भारत अभियान चलाने के बारे में एक प्रस्ताव रखा था।

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