रोशनी का पर्व, पराए होते अपने

0
17

राजस्थान में इस साल की दीपावली भाजपा के लिए हर बार जैसी नहीं रही। त्यौहारी मौकों पर भाजपा नेताओं को घेरे रखने वाला अफसर-हुक्कामों का अमला इस बार कांग्रेस नेताओं के इर्द-गिर्द भी देखने को मिला। भाजपा नेताओं के घर तो रोशनी की लडि़यों से जगमग थे, लेकिन दीपावली के मौके पर होने वाली चहल-पहल नदारद थी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की दीपावली पूजा में भी बहुत कम लोग आए। पहला मौका था जब राजे ने भाजपा मुख्यालय में पूजन किया। पूजा के बाद राजे नगर भ्रमण के इरादे से शहर के बाजारों में भी निकलीं। किन्तु उनके साथ सौ से ज्यादा लोग नहीं जुड़ पाए। निराश राजे एमआई रोड तथा छोटी चौपड़ में ‘चहलकदमी’ के साथ ही वापस लौट गयीं।

इससे पहले वसुंधरा राजे ने अपने निर्वाचन क्षेत्र झालरापाटन में महासंपर्क अभियान की शुरुआत की। यहां उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया। सूत्रों का कहना है कि इस साल सब कुछ अलग-थलग लग रहा था, भाजपा के लिए यह दीपावली फीकी रही। दीपावली के मौके पर भाजपा का लाभार्थियों को रिझाने का अभियान भी फीका रहा। तय किया गया था कि दीपावली के अवसर पर भाजपा पूरी तरह मैदान में नजर आएगी।
मुख्यमंत्री राजे से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, मंत्री, सांसद और विधायक लाभार्थियों के घर पहुंचेंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए वोट की अपील करेंगे। उस दौरान लाभार्थियों के घरों पर कमल का निशान भी चस्पा करना था। लेकिन पूरी योजना ही दफन हो गई। भाजपा के पदाधिकारी तो दूर, कोई कार्यकर्ता तक लाभार्थियों के घर नहीं पहुंचा।
उधर प्रदेश चुनाव प्रभारी और केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने गोविंददेव जी मंदिर में दर्शन के साथ बूथ महासंपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत हर कार्यकर्ता को 10 लाभार्थियों की सूची बनानी थी। लेकिन इन सूचियों की हकीकत बताने को कोई तैयार नहीं था। अलबत्ता केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर अभियान के दौरान एक दुकान पर पकौड़े तलने के लिए ज्यादा चर्चित रहे । लोगों में सवाल खदबदाता रहा कि मंत्री जी का पकौड़े तलना अभियान का हिस्सा था क्या?

कांग्रेस अब तक 11 जिलों में रोड शो कर चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट 108 से ज्यादा रैलियां कर चुके हैं। भाजपा एक हजार से ज्यादा सम्मेलन कर चुकी है। कांग्रेस मुख्यालय में मौजूदगी के दौरान टिकट चाहने वालों से घिरे रहने वाले प्रदेशाध्यक्ष दीपावली पर वहां नहीं थे। कार्यकर्ताओं से दूरी अखरने वाली थी। मुख्यालय रोशनी से जगमग तो था लेकिन वहां पसरा सन्नाटा चुभने वाला था।

जयपुर का सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र ऐसे इलाकों में गिना जाता है जहां पूरी सरकार रहती है। लेकिन 7 दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर इस क्षेत्र की उपेक्षा ही सबसे ज्यादा चर्चा में है। स्थानीय विधायक और सरकार में सामाजिक न्यायमंत्री अरुण चतुर्वेदी का दावा है कि,‘पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकर से कई बड़े काम कराए। दीपावली के मौके पर दिखाई नहीं देने वाला जंग का मैदान सर्वाधिक सक्रिय रहा। भाजपा-कांग्रेस फेसबुक, ट्वीटर पर लगातार वार कर रहे हेंैं। भाजपा जुमले बना रही है तो कांग्रेस खामियां गिना रही है । इस रण में कांग्रेस दिन में एक-दो पोस्ट तक सीमित है। जबकि भाजपा बौछार किए हुए है। भाजपा की पोस्ट ‘हर बूथ पर यही पुकार, फिर चुनेंगे भाजपा सरकार’ ज्यादा चर्चित है। कांग्रेस ट्वीटर पर भाजपा के वादों की छीछालेदार कर रही है।

सियासत के सफर को समझें तो कांग्रेस अब तक 11 जिलों में रोड शो कर चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट 108 से ज्यादा रैलियां कर चुके हैं। भाजपा एक हजार से ज्यादा सम्मेलन कर चुकी है। कांग्रेस के मुख्यालय में अपनी मौजूदगी के दौरान टिकट की चिल्ल-पों से घिरे रहने वाले प्रदेशाध्यक्ष दीपावली पर वहां नहीं थे। सूत्रों का कहना था कि वे समीक्षा बैठकें करने में व्यस्त थे, तो कहां हो रही थीं बैठकें? दीपावली पर कार्यकर्ताओं से उनकी दूरी अखरने वाली थी। मुख्यालय रोशनी से जगमग तो था लेकिन पसरा हुआ सन्नाटा भी चुभने वाला था। दीपावली पर कांग्रेसजनों की भीड़ जोधपुर में उमड़ रही थी। वहां चहल पहल की वजह अशोक गहलोत की मौजूदगी थी। इस मौके पर जोधपुर में गहलोत के आवास पर प्रशासन की मुस्तैदी काफी कुछ कह रही थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here