मोदी के सपनों को लगाये पंख

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लोकसभा चुनाव के लिए मिशन ‘73 प्लस’ में जुटी योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 7 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 479701.1 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पूरे के पूरे बजट को एक वाक्य में विश्लेषित करें तो कहा जा सकता है कि योगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकास के सपने को मुखर अभिव्यक्ति दी। इससे विकास को नई गति मिलेगी। किसान, कन्या और विकास पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए योगी सरकार ने आम आदमी की तरक्की के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया।
नवजात कन्या के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई के दौरान निश्चित अन्तराल पर सुनिश्चित धनराशि की आर्थिक सहायता देने वाली कन्या सुमंगला योजना के जरिये योगी सरकार ने एक बड़ा चुनावी दांव चला है। योगी आदित्यनाथ ने आम चुनाव से पहले केन्द्र सरकार का अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश के बजट को भी आकर्षक बनाया है। केन्द्रीय बजट की तर्ज पर किसान, महिला, गांव, गरीब से लेकर धार्मिक एवं संस्कृति से जुड़ी योजनाओं को महत्व दिया। चुनाव वर्ष में योगी सरकार ने ढांचागत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बिजली, सड़क, सेतु और सिंचाई के लिए धन आवंटित करने में सरकार ने कोई कोताही नहीं बरती है। इस पर कुल 67,972 करोड़ रूपया आवंटित  किये। आयुष्मान भारत योजना से वंचित लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जनआरोग्य अभियान की घोषणा की गयी। अनुमानत: 56 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस नई योजना के लिए 111 करोड़ रुपये आवंटित किये गये। बेसहारा पशुओं को लेकर आम जन एवं विपक्ष की चिन्ता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए 447.6 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। सूखे से प्रभावित बुन्देलखण्ड और विन्ध्य क्षेत्र में 3 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में अब तक सबसे बड़ा बजट पेश किया। इसमें 21 हजार करोड़ की नई योजनाएं शामिल हंै। अग्रवाल ने किसानों और ग्रामीणों को राहत देने की कोशिश की।

बजट में सांस्कृतिक रुझान
अयोध्या: 200 करोड़ रुपये एयरपोर्ट निर्माण के लिए, 101 करोड़ रुपये से स्थानीय पर्यटन स्थलों का विकास।
काशी: 207 करोड़ रुपये काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण के लिए, 16 करोड़ रुपये से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना।
मथुरा-वृंदावन-ब्रज: 8.38 करोड़ रुपये से मथुरा वृंदावन के मध्य आॅडिटोरियम निर्माण। 1 करोड़ रुपये से संवरेगा वृंदावन शोध संस्थान।
राम लीला: 5 करोड़ रुपये से सार्वजनिक राम लीला स्थलों की चारदिवारी निर्माण, 27 करोड़ रुपये से गढ़मुक्तेश्वर के पर्यटन स्थल का विकास।
गोरखपुर: 63 लाख रुपये पं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ निर्माण हेतु। 5 करोड़ रुपये वनटांगिया गांव में विद्यालयों की स्थापना हेतु।
गाय: 467.60 करोड़ रुपये निराश्रित गोवंश के रख-रखाव, गोशाला एवं कांजी हाउस के निर्माण हेतु।

गोरखनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता सम्भालने के बाद प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया। काशी, अयोध्या एवं मथुरा के लिए सरकार ने 800 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को प्रस्तावित कर हिन्दुत्व के एजेंडों को भी धार दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर केन्द्र की ही तरह प्रदेश सरकार भी मेहरबान दिखी। सरकार ने बजट में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम किया। अयोध्या, प्रयागराज, विंध्याचल जैसे धार्मिक स्थलोें के अलावा महापुरुषों से जुड़े प्रमुख स्थलों के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया।

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