ममता-राज का विरोध गांव-गांव तक

भाजपा की रथयात्रा की धमक अब पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ तक पहुंच गयी है। दरअसल, भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ की इजाजत की मांग को लेकर पार्टी की एक टीम नवान्न पहुंची। मुकुल रॉय के नेतृत्व में इस टीम ने रथयात्रा से संबंधित कलकत्ता हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के निर्देश के पत्र को राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों को सौंपा। पत्र देने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुकुल रॉय ने कहा कि लोकतंत्र बचाओ यात्रा के संबंध में हाईकोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, उसके बाद तो इस सरकार को फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत ने बंगाल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि भाजपा की तरफ से 18 पत्र दिये गये, राज्यपाल ने भी पत्र दिया, इसके बावजूद रथयात्रा के बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया। इस तरह से कोई सरकार कैसे चल सकती है? तृणमूल कांग्रेस के कभी नंबर दो रहे मुकुल राय ने कहा कि सरकार अदालत में हलफनामा दायर कर खुद यह कबूल कर रही है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए रथयात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

अदालत के निर्देश के मुताबिक हम लोगों ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी इत्यादि को पत्र दे दिया है। साथ ही प्रशासन को यह भी बता दिया है कि वह हमें जब भी बुलायेंगे, हम लोग फौरन पहुंच जायेंगे। रथयात्रा के मुद्दे पर वैसे अब भाजपा और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच सुप्रीम कोर्ट में कानूनी जंग लड़ी जायेगी। रथयात्रा की इजाजत के मुद्दे पर बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में केवियेट दाखिल किया है। भाजपा के वकीलों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहे इस मामले से संबंधित दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश किया। सूत्रों के अनुसार रथयात्रा मामले के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का फैसला अगर राज्य सरकार के खिलाफ जाता है तो उस स्थिति में बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। एकतरफा सुनवाई रोकने के लिए भाजपा ने पहले से ही सावधानी बरतते हुए सुप्रीम कोर्ट में केवियेट दाखिल किया है। ऐसे में केवियेट दाखिल होने पर सुनवाई में भाजपा का पक्ष सुने बिना अदालत निर्णय नहीं देगी। बहरहाल, पहली रथयात्रा 7 दिसंबर को कूचबिहार से रवाना होने वाली थी।

तृणमूल कांग्रेस भी तैयार थी कि जिस रास्ते से भाजपा का रथ गुजरेगा, दूसरे ही दिन उस रास्ते को गंगा जल और गोबर से शुद्ध किया जायेगा। लेकिन अदालत में मामला चले जाने के कारण भाजपा का रथ दौड़ नहीं पाया। रथयात्रा तो नहीं हुई, लेकिन पार्टी ने कूचबिहार के झिंगाईडांगा में एक सभा का आयोजन जरूर किया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश पर सभा के दूसरे दिन तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झिंगाडांगा मैदान का शुद्धीकरण कर उस जगह को ‘पवित्र’ किया। तृणमूल कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने पूरे हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक मैदान में गोबर और गंगा जल ढाल कर उस जगह को ‘शुद्ध’ किया। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने इस मैदान में सभा कर इलाके में सांप्रदायिकता का जहर फैलाया है। उस जहर से लोगों को बचाने और पूरे इलाका को शुद्ध करने के लिए हमलोगों ने इस पवित्र यात्रा का आयोजन किया है।

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