ममता को शोभन की चुनौती

श्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कभी बेहद प्रिय व खास रहे कोलकाता के मेयर व राज्य सरकार में मंत्री शोभन चटर्जी ने ‘दीदी’ को जमकर चुनौती दी। हालांकि संख्या बल के आगे ज्यादा देर टिक नही पाए, घुटने टेक दिए। बावजूद इसके अकड़ में कहीं कोई कमी नही आई, इस्तीफा देने स्वयं नही गए बल्कि अपने अंगरक्षक के हाथों भिजवाया। शोभन किसी भी समय ममता से नाता तोड़ सकते हैं। इससे ममता बनर्जी कमजोर हो सकती हैं।

ममता बनर्जी के विश्वस्त शोभन चटर्जी को पहले मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना पड़ा। बाद में उन्होंने कोलकाता का मेयर पद भी भारी मन से छोड़ दिया। ममता के अनन्य सहयोगी शोभन की ‘दीदी’ से दुश्मनी उन्हें भारी पड़ी। वह किसी भी समय ममता का साथ छोड़ सकते हैं। जनाधार वाले शोभन से अलग होने से कोलकाता में ममता कमजोर हो सकती हैं।

प्यार में करोड़ों की दौलत और हुकुमत गंवाने की इस कहानी के मुख्य किरदार शोभन चटर्जी लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। उन्होंने अपने प्यार की खातिर दमकल व आवास मंत्री और कोलकाता के मेयर की कुर्सी तक गंवा दिया लेकिन पार्टी सुप्रीमो के आगे नही झुके। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आये शोभन चटर्जी ने कबूल किया कि उन्होंने बैसाखी बंदोपाध्याय से प्यार किया है और प्यार करते रहेंगे। ये वही बैसाखी बंदोपाध्याय हैं, जिनके साथ रिश्ते के कारण न सिर्फ उनका परिवार उनसे छूट गया है, बल्कि उनका राजनीतिक कैरियर भी दांव पर लग गया। हालांकि शोभन चटर्जी ने इस बात को नहीं स्वीकारा कि उनके इस्तीफा देने का मुख्य कारण बैसाखी बंदोपाध्याय के साथ उनके रिश्ते हैं। उन्होंने कहा कि ठीक वक्त पर वह जवाब देंगे कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया? उन्होंने अपने विरोधियों को सावधान करते हुए कहा कि शीशे के घर में रहने वाले दूसरे के घर में पत्थर नहीं मारते हैं।
शोभन चटर्जी ने एक सनसनीखेज इल्जाम भी लगाया कि उनकी पत्नी रत्ना चटर्जी ने उनकी दोस्त बैसाखी बंदोपाध्याय और उनकी बेटी को मारने के लिए सुपारी दी थी। उनकी योजना, उन दोनों को जहर मिला हुआ केक खिलवा कर उनकी हत्या करवाने की थी। शोभन चटर्जी के इस इल्जाम से रत्ना चटर्जी बिफर उठी हैं। उन्होंने अपने पति के खिलाफ मानहानि का मामला दायर करने का भी एलान कर दिया है। रत्ना चटर्जी ने कहा कि हम लोगों ने उन्हें सुधरने का बहुत मौका दिया, लेकिन अब बहुत हो गया। अब उन्हें कोर्ट में ही जवाब देना होगा। शोभन चटर्जी ने आखिरकार कोलकाता के मेयर पद से भी इस्तीफा दे दिया। दमकल व आवास मंत्री के पद से तो उन्होंने झट से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन मेयर का पद छोड़ने में वह आनाकानी कर रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की डांट फटकार के बाद उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दिया है। 20 नवंबर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फटकार मिलने के बाद शोभन चटर्जी ने फौरन दमकल व आवास मंत्री पद से इस्तीफा भिजवा दिया था। इस्तीफा मिलने के बाद शोभन चटर्जी से बेहद नाराज चल रहीं ममता बनर्जी ने उन्हें मेयर पद भी छोड़ने का निर्देश दिया था। उसके बाद से ही इस बात का इंतजार किया जा रहा था कि वह मेयर की कुर्सी कब छोड़ेंगे। मंत्री पद छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आये शोभन चटर्जी ने इस सवाल के बारे में कहा था कि जब वक्त आयेगा, वह इस्तीफा दे देंगे। उनकी बातों से लग रहा था कि वह फिलहाल मेयर की कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता भी नहीं चाह रहे थे कि शोभन चटर्जी को मेयर के पद से भी हटा दिया जाये।
खुद मुख्यमंत्री के घर के कुछ सदस्य भी उन्हें यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि शोभन चटर्जी के पास कम से कम मेयर का पद छोड़ दिया जाये, लेकिन ममता बनर्जी नहीं मानीं। मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार कर उनका विभाग फिरहाद हाकिम को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर सौंप भी दिया गया। मंत्री पद से इस्तीफा देने की घटना को दो दिन हो गये थे, लेकिन मेयर पद से इस्तीफा का कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा था। सूत्रों के मुताबिक 22 नवंबर को विधानसभा में लंच टाइम में ममता बनर्जी ने शोभन चटर्जी को फोन कर फिर से फटकार लगायी। ममता बनर्जी ने पूछा कि तुमने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फोन मिलने के बाद शोभन चटर्जी ने फौरन अपना इस्तीफा अंगरक्षक के हाथों कोलकाता कॉरपोरेशन की चेयरपर्सन माला राय को भिजवा दिया।

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