जींद में जीत के मायने

जींद में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करते नवनिर्वाचित विधायक डॉ.कृष्ण मिढ़ा साथ में है मनोहर लाल खट्टर।

जींद सीट जाटलैंड मानी जाती है। यह सीट भाजपा के लिए एक बंजर भूमि की तरह ही थी। पिछले पांच दशकों में जींद में कमल नहीं खिला था। इस चुनाव में भाजपा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। आखिरकार भाजपा की मेहनत रंग लाई और जींद में दशकों बाद कमल खिल ही गया। इस उपचुनाव के मायने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत की बधाई देते हुए सराहा है।

रियाणा के जींद विधानसभा उपचुनाव के गहरे निहितार्थ हैं। हालांकि, यह एक विधानसभा सीट का उपचुनाव मात्र था लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। भाजपा ने अपनी ओर से डॉ कृष्ण मिढ़ा को उतारा था तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले रणदीप सुरजेवाला पर दांव लगाया था। लेकिन कांग्रेस का दांव औंधे मुंह गिर गया। सुरजेवाला की जमानत जब्त होते-होते बच गई। उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रत्याशी डॉ कृष्ण मिढ़ा ने सुरजेवाला और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के सबसे बड़े योद्धा दिग्विजय को जींद के रण में भारी मतों से शिकस्त दी है। डॉ कृष्ण मिढ़ा ने 12,935 वोटों के अंतर के साथ एक बड़ी जीत हासिल की है। इस उपचुनाव में उन्हे 50,566 वोट हासिल हुए। दूसरे नंबर पर जजपा के दिग्विजय सिंह चौटाला रहे जिन्होंने 37,631 वोट हासिल किए। कांग्रेस को 22,740 वोटों पर संतोष करना पड़ा है।
जींद सीट जाटलैंड मानी जाती है। यह सीट भाजपा के लिए एक बंजर भूमि की तरह ही थी। पिछले पांच दशकों में जींद में कमल नहीं खिला था। इस चुनाव में भाजपा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। आखिरकार भाजपा की मेहनत रंग लाई और जींद में दशकों बाद कमल खिल ही गया। इस उपचुनाव के मायने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत की बधाई देते हुए सराहा है। दोनों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पीठ थपथपाई है। प्रधानमंत्री ने इस जीत की बधाई देते हुए एक ट्वीट भी किया। उन्होंने इस जीत के लिए जींद वासियों का भाजपा की जीत के लिए धन्यवाद दिया। वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हरियाणा के जींद विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की भव्य जीत मोदी जी की केंद्र सरकार और प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार के विकास व लोक-कल्याणकारी कार्यों में जनता के विश्वास की जीत है। हरियाणा की जनता ने भ्रष्टाचार और जातिवाद को नकार कर पुन: भाजपा के विकासवाद पर अपनी मुहर लगाई है।’
जींद का चुनाव कई मायनों में अहमियत रखता है। इनेलो उम्मीदवार उम्मेद सिंह रेढू की जमानत बुरी तरह से जब्त हुई है, लेकिन इनेलो के नेतागण इस बात से अन्दर से खुशी जाहिर करते हैं कि उनके बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला भी चुनाव हार गए। अगर दिग्विजय यह चुनाव जीत जाते तो अभय चौटाला के लिए यह किसी बड़े धक्के से कम नहीं होता। जननायक जनता पार्टी इस उपचुनाव में पूरी मजबूती के साथ उभरकर सामने आई है। मसलन जेजेपी चुनाव हार गई फिर भी कांग्रेस से अधिक वोट हासिल करके दुष्यंत और दिग्विजय की जोड़ी ने साबित कर दिया कि असली विपक्ष वे ही हैं। साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में वे ही भाजपा को पूरी तरह से चुनौती दे सकते हैं।

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