हेराल्ड पर कोर्ट का चाबुक

कोर्ट ने एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने केन्द्र सरकार के नोटिस को चुनौती दी थी। सरकार ने नेशनल हेराल्ड को दिल्ली के आईटीओ स्थित परिसर को खाली करने का नोटिस दिया था। रोक लगवाने के लिए एजेएल कोर्ट गयी थी। कोर्ट ने खारिज कर दिया और दो सप्ताह में उसे खाली करने का आदेश दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने केन्द्र सरकार के नोटिस को चुनौती दी थी। सरकार ने नेशनल हेराल्ड को दिल्ली के आईटीओ स्थित परिसर को खाली करने का नोटिस दिया था। रोक लगवाने के लिए एजेएल कोर्ट गयी थी। कोर्ट ने खारिज कर दिया और दो सप्ताह में खाली करने का आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने हेराल्ड हाउस खाली करने के मामले में केंद्र सरकार व नेशनल हेराल्ड प्रकाशन समूह एजेएल की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। केंद्र ने लीज की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए हेराल्ड हाउस 15 नवंबर तक खाली करने का निर्देश दिया था। एजेएल नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी है। कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था। इसका अर्थ ये हुआ कि पार्टी ने इसे 90 करोड़ का ऋण दे दिया। इसके बाद 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई गई। उसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसद हिस्सेदारी है। बाकी की 24 फीसद हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और आॅस्कर फर्नांडीज के पास है। एजेएल के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर ‘यंग इंडियन ‘ को दे दिए गए। उसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का ऋण चुकाना था। 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99 फीसद शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का ऋण भी माफ कर दिया। यानी ‘यंग इंडियन’ को मुμत में एजेएल का स्वामित्व मिल गया।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी का आरोप है कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 1,600 करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया। सोनिया-राहुल के खिलाफ अपनी याचिका में स्वामी ने लिखा है कि साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया है। हेराल्ड हाउस को पासपोर्ट आॅफिस के लिए किराये पर दिया गया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here