मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड

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संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जो अभिभाषण पढ़ा, वह मोदी सरकार का साढ़े साढ
चार साल का रिपोर्ट कार्ड कहा जा सकता है। जनधन योजना, मुद्रा योजना, कौशल विकास योजना, स्वच्छता
अभियान, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, सौभाग्य योजना,‘आयुष्मान भारत’ आदि योजनाओं के बारे मे
विस्तार से जानकारी दी। प्रमुख योजनाओं को फोकस करती रिपोर्ट।


  • स्वच्छ भारत अभियान के तहत विगत चार साल में नौ करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है। स्वच्छता आंदोलन जन आंदोलन बन गया। इस कारण आज ग्रामीण स्वच्छता का दायरा बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया है। यह वर्ष 2014 में 40 प्रतिशत से भी कम था।

  • सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 6 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं। दशकों के प्रयास के बाद भी वर्ष 2014 तक हमारे देश में केवल 12 करोड़ गैस कनेक्शन थे। बीते केवल साढ़े चार वर्षों में 13 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन से जोड़ा गया।

  • सरकार ने, पिछले वर्ष ‘आयुष्मान भारत योजना’ शुरू की। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना-‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान’ के तहत देश के 50 करोड़ गरीबों के लिए गंभीर बीमारी की स्थिति में,हर परिवार पर प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के इलाज खर्च की व्यवस्था की गई है। सिर्फ 4 महीने में ही इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा गरीब, अस्पताल में अपना इलाज करवा चुके हैं।

  • ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में अब तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं। इन केन्द्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी तरह, दिल की बीमारी में इस्तेमाल होने वाले स्टेंट की कीमत कम किए जाने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को औसतन लगभग 4,600 करोड़ रुपये सालाना की बचत हो रही है। घुटने के ट्रांसप्लांट की कीमत कम किए जाने से लोगों को सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपए की बचत हो रही है। किडनी की बीमारी से परेशान भाइयों और बहनों के लिए डायलिसिस की निशुल्क सेवा उपलब्ध कराई गयी।

  • सिर्फ 1 रुपया महीना के प्रीमियम पर‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ के रूप में लगभग 21 करोड़ गरीब भाई-बहनों को बीमा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। किसी अनहोनी के समय प्रत्येक योजना के तहत 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है।

  • पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2014 के पहले, पांच साल में, सिर्फ 25 लाख घरों का ही निर्माण हुआ था। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत सरकार निम्न आय वर्ग के लोगों को साढ़े 6 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी भी दे रही है।

  • वर्ष 2014 में 18 हजार से अधिक गांव ऐसे थे,जहां बिजली नहीं पहुंची थी। आज देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई है। ‘प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना’के तहत अब तक 2 करोड़ 47 लाख घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है।

  • वर्ष 2014 में देश में मानव-रहित क्रॉसिंग्स की संख्या 8,300 थी। सरकार ने मानव-रहित रेलवे क्रॉसिंग्स समाप्त करने का अभियान चलाया और अब ऐसी क्रॉसिंग्स समाप्त हो गई हैं।

  • किसी नाबालिग के साथ बलात्कार करने के जघन्य अपराध की सजा के लिए सरकार ने अपराधी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया है।

  • हमारी मुस्लिम बेटियों को डर और भय की जिन्दगी से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें अन्य बेटियों के समान जीवन जीने के अधिकार देने हेतु तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित करवाने का प्रयास हो रहा है।

  • बीते शीतकालीन सत्र में संसद द्वारा संविधान का 103वां संशोधन पारित करके,गरीबों को आरक्षण का लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया । यह पहल, देश के उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय करने का प्रयास है जो गरीबी के अभिशाप के कारण वंचित महसूस कर रहे थे। शैक्षिक संस्थानों में सीटों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ाई जा रही है। ‘अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग’ को संवैधानिक दर्जा दिया जाना,सामाजिक न्याय के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने पैरों पर खड़ा होने की ललक रखने वाले युवाओं को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 1 करोड़ युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है।

  • नौजवानों को अपने व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो, इसके लिए ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, बिना किसी गारंटी के 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ऋण दिए गए हैं। इसका लाभ, ऋण प्राप्त करने वाले 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है। 4 करोड़ 26 लाख से ज्यादा लोगों ने, पहली बार ऋण लेकर अपना व्यवसाय प्रारंभ किया है। -सरकार ने ‘स्टार्ट अप इंडिया’ और‘स्टैंड अप इंडिया’ के माध्यम से नौजवानों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में आर्थिक सहायता प्रदान की है।

  • ‘प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना’ के द्वारा सरकार ने नौकरियों को इंसेन्टिव के साथ जोड़ा है। इस योजना के तहत, किसी नौजवान को नई नौकरी मिलने पर,जो ईपीएफ का 12 प्रतिशत, नियोक्ता की तरफ से दिया जाना होता है,वो पहले तीन वर्ष तक सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ देश के एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को मिल चुका है।

  • उच्च स्तरीय प्रोफेशनल एजुकेशन के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रही है। अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के लिए सरकारी स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। युवा केन्द्रित‘खेलो इंडिया’अभियान के तहत, सरकार देश के कोने-कोने से प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर, उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसके चयन में पारदर्शिता है।

  • ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को ही मिला है। अब तक देशभर में दिए गए 15 करोड़ के मुद्रा ऋण में से 73 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों ने प्राप्त किए हैं। ‘दीन दयाल अंत्योदय योजना’ के तहत लगभग 6 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।

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