अयोध्या मामले का हल नहीं चाहती कांग्रेस

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गामी लोकसभा चुनाव में देश के मतदाताओं को यह तय करना है कि वे केंद्र में मजबूत सरकार चाहते हैं या मजबूर सरकार। साथ ही, यह भी फैसला करना है कि उन्हें रात-दिन काम करने वाला एक वफादार सेवक चाहिए या एक नाकारा सेवक!
लोकसभा चुनाव राजशाही बनाम लोकशाही और सल्तनत बनाम संविधान की लड़ाई है। जनता की संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति मानने वाले भ्रष्ट लोग केंद्र में मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि लूट खसोट का उनका खेल चलता रहे। कांग्रेस पार्टी ने भ्रष्टाचार और देश में फूट डालने की राजनीति की है। इस पार्टी के नेताओं ने देश की संवैधानिक संस्थाओं का कभी सम्मान नही किया। भ्रष्टाचार में घिरे हुए नेता हमेशा कानून से बचने की कोशिश में लगे रहे। इन नेताओं ने न्यायपालिका, चुनाव आयोग और विभिन्न जांच एजेंसियों पर हमले किए और उनकी अनदेखी की।
कांग्रेस के विरोध में जन्मे ये दल आज कांग्रेस के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह किसी विचारधारा या देश के विकास की दृष्टि पर आधारित नहीं है। ये गठबंधन केवल एक व्यक्ति के खिलाफ हो रहा है। इन विपक्षी दलों के नेताओं को याद रखना चाहिए कि जनता ने उन्हें कांग्रेस के विकल्प के रूप में समर्थन दिया था। अब ये नेता जनता के साथ विश्वासघात कर कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने में लगे हैं।

 भ्रष्टाचार में लिप्त लोग एक मजबूर सरकार चाहते हैं। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिले। विपक्षी नेता मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके।
 हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि आयुष्मान भारत जैसी मुμत स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा सके। वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके।
 हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश की सेना की रक्षा जरूरतों को पूरा किया जा सके। वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके।
 हम मजबूत सरकार चाहते हैं, जिससे देश का किसान सशक्त बने। वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि कर्ज माफी में घोटाला किया जा सके।

नेशनल हेरॉल्ड संपत्ति हड़पने के मामले में जमानत पर रिहा नेता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है। कांग्रेस के नेताओं को यह समझ नही आ रहा है कि बिना भ्रष्टाचार के भी सरकार चलाई जा सकती है। कांग्रेस नेताओं ने सरकारी खजाने को अपनी निजी तिजोरी में बदल दिया था। मनमाने तरीके से अपने चहेतों को बिना जांच पड़ताल के करोड़ों-अरबों रुपए के कर्ज बांटे। आजादी के बाद 60 वर्षों में 18 लाख करोड़ रुपये के कर्जे दिए गए थे, लेकिन कांग्रेस के 2008 से 2014 के 6 वर्ष के कार्यकाल में 52 लाख करोड़ रुपये के कर्जे बांटे गए। जब 2014 में मैंने सत्ता की बागडोर संभाली तो मुझे देश की बैंकिंग प्रणाली पर आए इस भारी बोझ की जानकारी मिली। मैंने इन कर्जों के बारे में उस समय खुलासा नही किया, क्योंकि ऐसा करने से अर्थव्यवस्था में अफरा तफरी फैल जाती। कांग्रेस के नेताओं को न कानून पर भरोसा है, न सत्य पर और न ही संवैधानिक संस्थाओं पर। भाजपा सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह साबित कर दिया है कि सरकार बिना भ्रष्टाचार के चलाई जा सकती है। इस सरकार ने सत्ता के गलियारों से दलालों का सफाया कर दिया है और लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि आम आदमी के हित में देश में बदलाव लाया जा सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल में मेरे खिलाफ जांच एजेंसियों से कार्रवाई कराई गई। कांग्रेस नेता मुझे जेल भेजने की साजिश में लगे थे। कांग्रेस के एक केंद्रीय मंत्री ने खुलेआम कहा था कि मोदी तो जेल जाने वाला है। गुजरात विधान सभा में कांग्रेस के नेता कहते थे कि अब मुख्यमंत्री पद छोड़कर जेल जाने की तैयारी करो। कांग्रेस की इन साजिशों का सामना करते हुए मैंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे 12 साल तक कांग्रेस ने सताया। ऐसे मुकद्दमें दायर किए गए जिनके जरिये मुझे फंसाया जा सके। इन सारी साजिशों के बावजूद देश के कानून और सत्य पर मेरा भरोसा बना रहा तथा मैं स्वयं सुप्रीम कोर्ट के विशेष जांच दल एसआईटी के सामने हाजिर हुआ और जिला स्तरीय पुलिस अधिकारी के सामने 9 घंटे तक अपनी सफाई दी। यह सब मैंने इस विश्वास के साथ किया कि अंत में सत्य की जीत होगी। हाल में सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में मुंबई की अदालत के फैसले से यह साबित हो गया है कि किस तरह से कांग्रेस सरकार ने मुझे और अमित शाह को फंसाने की कोशिश की।
भ्रष्टाचार में लिप्त लोग एक मजबूर सरकार चाहते हैं। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिले। विपक्षी नेता मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि आयुष्मान भारत जैसी मुμत स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा सके। वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश की सेना की रक्षा जरूरतों को पूरा किया जा सके।

वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, जिससे देश का किसान सशक्त बने। वे मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि कर्ज माफी में घोटाला किया जा सके।
मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ 18 घंटे तक काम करने वाला देश का सेवक हूं। देशवासी बताएं कि आपको कैसा प्रधान सेवक चाहिए। क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे, जो आपके घर का पैसा चोरी करे और पड़ोसियों को घर की बात बताए। आपको दिन रात काम करने वाला सेवक चाहिए या मौज-मस्ती करने के लिए छुट्टियों पर रहने वाला सेवक चाहिए?
भाजपा कार्यकर्ता आगामी चुनाव अभियान में मुझ पर ही निर्भर न रहें। यह न सोचें कि मोदी आ जाएगा, तो सब ठीक हो जाएगा। आप भी संगठन की पैदाइश हैं और संगठन के जरिए ही विजय का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कांग्रेस ने अपने वकीलों के माध्यम से अयोध्या में राम मंदिर मामले की न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। देश के लोगों को यह नही भूलना चाहिए कि कांग्रेस अयोध्या मामले का हल नहीं चाहती। मैं ये दावा नही करता कि सब कुछ ठीक हो गया है और सभी लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं। लेकिन इतना निश्चित है कि सरकार सही रास्ते पर पूरे संकल्प के साथ ईमानदारी और पारदर्शिता से आगे बढ़ रही है तथा आने वाले वर्षों में हम देश को दुनिया का सिरमौर बनाने में सफल होंगे।
जब हम किसानों की समस्या के समाधान की बात करते हैं तो पहले की सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है। पहले जिनके पास किसानों की समस्याओं का हल निकालने का जिम्मा था, उन्होंने शॉर्टकट निकाले, उन्होंने किसानों को सिर्फ मतदाता बना कर रखा। किसानों की बेहतरी के लिए हमारी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को न सिर्फ लागू किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना दाम मिले।
‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’-इस मंत्र को बढ़ाना होगा। हमें विरासत में कमजोर जमीन मिली थी, लेकिन इस जमीन को हमनें मजबूत किया है और आने वाले 5 सालों में इसे और मजबूत करना होगा। क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए? जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं, वैसे ही तय कीजिए कि देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। संगठन के संस्कार से अगर हम तपे नहीं होते, तो दूसरों की मीठी मीठी बातों से हम फिसल चुके होते। पार्टी परंपराओं को अपने जीवन में ढालकर, अनुशासन और लाखों कार्यकर्ताओं के तप व त्याग से आज हम यहां पहुंचे हैं।
देश में महिला सशक्तीकरण हो रहा है। दμतरों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) भी 12 से बढ़ाकर 26 हμते की गई है। महिला सशक्तीकरण यही है कि देश में पहली बार बेटियां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं।
यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली बैठक है, जो अटलजी के बिना हुई है। आज उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण से संतोष हो रहा होगा। बीते वर्ष जिन कार्यकर्ताओं को विरोधियों की राजनीतिक हिंसा की वजह से जान गंवानी पड़ी, उनके परिवारों के प्रति भी मैं संवेदना व्यक्ति करता हूं।
(भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाषण का सार)

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