निरंतरता के लिए पुन: सरकार्यवाह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश जोशी (भैय्याजी जोशी) को लगातार चौथी बार सरकार्यवाह घोषित किया गया है।

संघ की नागपुर में हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में 10 मार्च को सर्वसम्मति से उनका चुनाव हुआ।

माना जा रहा है कि संघ में नेतृत्व के स्तर पर निरंतरता बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया।भैय्याजी जोशी तीसरे व्यक्ति हैं जिन्हें चौथी बार सरकार्यवाह के पद पर निर्वाचित किया गया।

भैय्या जी जोशी का जन्म 1947 में इंदौर में हुआ था। मुंबई के समीप ठाणे शहर में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। कला वर्ग में स्नातक भैय्याजी बाल्यकाल में ही संघ से जुड़ गए थे।

भैय्याजी जोशी तीसरे व्यक्ति हैं जिन्हें चौथी बार
सरकार्यवाहके पद पर निर्वाचित किया गया।

 

वर्ष 1975 में प्रचारक बने। महाराष्ट्र में जिला प्रचारक, प्रांत सेवा प्रमुख, क्षेत्र सेवा प्रमुख,अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख के दायित्वों का निर्वहन किया।

संघ की मार्च 2009 की प्रतिनिधि सभा में उन्हें पहली बार सरकार्यवाह चुना गया। इसके बाद 2012 तथा 2015 में उनको इस पद पर फिर से चुना गया।

उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वोत्तर भारत में संघ कार्य के विस्तार में भैय्याजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

वरिष्ठ पत्रकार और पांचजन्य तथा आर्गनाइजर के समूह संपादक जगदीश उपासने की नजर में भैय्या जी का चौथी बार सरकार्यवाह चुना जाना स्वाभाविक ही है।

उनको संगठन की जबरदस्त समझ है। संघ के सेवा कार्यों को विस्तार देने में उनकी महती भूमिका रही है। उन्होंने वर्षों तक सेवा कार्यों को पूरी तन्मयता से अंजाम दिया।

आज देशभर में संघ के पौने दो लाख सेवा कार्य चल रहे हैं। देशभर में कार्यकर्ताओं से उनका निकट का परिचय  है। संघ के तत्व और सिद्धांत उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा हैं। संगठन को आगे बढ़ाने और व्यक्तियों को गढ़ने की उनमें अद्भुत क्षमता है।

 

वर्ष 1975 में प्रचारक बने। महाराष्ट्र में जिला प्रचारक, प्रांत
सेवा प्रमुख, क्षेत्र सेवा प्रमुख,अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख,
अखिल भारतीय सेवा प्रमुख के दायित्वों का निर्वहन किया।

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कामकाज की दृष्टि से सरकार्यवाह की टीम में सहयोग के लिए प्राय: तीन सह सरकार्यवाह हुआ करते थे। 2006 और 2009 की प्रतिनिधि सभा में इनकी संख्या चार हुई।

इस बार की प्रतिनिधि सभा में छह सह सरकार्यवाह चुने गए हैं। वर्षों तक अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख रहे डॉ मनमोहन वैद्य को अब सह सरकार्यवाह बनाया गया है।

अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मुकुंदराव भी सह सरकार्यवाह बनाए गए हैं। दत्तात्रेय होसबले, डाक्टर कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी और वी. भागैय्या पहले से ही सह सरकार्यवाह हैं।

संघ ने इस बार और कई बदलाव किए हैं। अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख अरुण कुमार अब अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व संभालेंगे। इसी बदलाव के क्रम में सुनील मेहता को अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख का नया दायित्व मिला है।

जम्मू कश्मीर के प्रांत प्रचारक रमेश पप्पा अब अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख होंगे। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण के पास प्रकाशन विभाग रहेगा।

उनका केंद्र दिल्ली होगा। काशी के प्रांत प्रचारक अनिल कुमार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक का जिम्मा दिया गया है। अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक रमेश कुमार को काशी का प्रांत प्रचारक बनाया गया है।

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