चीन का ‘रोबोट चौकीदार’

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र्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए न्यूज एंकर बनाने के बाद अब चीन की राजधानी बीजिंग में एक आवासीय समुदाय ने अपनी तरह का पहला ‘रोबोट चौकीदार’ तैनात किया है। यह लोगों के चेहरे की तस्वीरों को कैद कर सकता है और उनसे बातचीत कर सकता है। इस रोबोट से अब रात में किसी व्यक्ति को चौकीदारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्ष 2004 में भारी कामयाबी दर्ज करने वाली काल्पनिक विज्ञान कथा पर आधारित फिल्म आई ‘रोबोट’ में एक ऐसी दुनिया की कल्पना की गयी है, जिसमें आदमी की सेवा करने के लिए बनाये गये रोबोट में स्वत: अतिरिक्त बुद्धि पैदा हो जाती है। वह अपने बनाने वाले को ही गुलाम बना लेता है। वह दिन तो अभी दूर लगता है लेकिन रोबोट का इस्तेमाल अब हकीकत बनने लगा है। बीजिंग एयरोस्पेस आॅटोमेटिक कंट्रोल इंस्टीट्यूट के परियोजना निदेशक लियू गंगजुन ने बीजिंग के मियुआन आवासीय समुदाय में मीबाओ नामक उच्च तकनीक वाले रोबोट को बनाया। यह रोबोट आवासीय कॉलोनी की निगरानी करेगा।

यह संस्थान के आसपास की स्थितियों की निगरानी और रिकार्ड करता है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति
समुदाय में दिखाई देता है, तो मीबाओ या इसी तरह के उच्च तकनीक वाले दरवाजे के ताले उन्हें पहचान
लेंगे और विभाग में अलार्म बज जायेगा।

यह चेहरे की पहचान, मानव- मशीन संचार और अवरक्त थर्मल इमेजरी को एकीकृत करने वाला रोबोट है। इसका उपयोग रात में चौकीदारी करने के लिए किया जायेगा। दिसंबर 2018 से प्रारंभ हुआ और अप्रैल 2019 तक इसका परीक्षण किया जायेगा। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार मीबाओ में आंखें और एक बड़ी स्क्रीन है, जो छाती पर चित्र दिखाती है। यह तकनीक जैविक मान्यता, बड़े डेटा विश्लेषण, जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और अन्य प्रौद्योगिकियों का एक संयोजन है, जो बीएएसीआई द्वारा प्रदान की गयी जानकारी के अनुसार पैदल चलने वालों की जानकारी को सही ढंग से इकट्ठा कर सकती है। यह संस्थान के आसपास की स्थितियों की निगरानी और रिकार्ड करता है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति समुदाय में दिखाई देता है, तो मीबाओ या इसी तरह के उच्च तकनीक वाले दरवाजे के ताले उन्हें पहचान लेंगे और विभाग में अलार्म बज जायेगा। मीबाओ न केवल अवैध गतिविधियों पर नजर रखता है, बल्कि निवासियों को उपयोगी जानकारी भी प्रदान करता है। उदाहरण के लिए यह मौसम के पूर्वानुमान और दिलचस्प कहानियां सुना सकता है और यहां तक कि संगीत भी सुना सकता है। अक्सर कई बच्चों को यह बात करने के लिए आकर्षित करता है।

संस्थान ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए डिजाइन किये गये रोबोट, चेहरे की पहचान के दरवाजे के ताले, डिजिटल एनाउंसर बोर्ड और स्मार्ट घडि़यों को शामिल करते हुए बुद्धिमान घर नामक एक परियोजना शुरू की है। इस परियोजना का चौकीदारों द्वारा स्वागत किया गया है। समुदाय के एक चौकीदार ने ग्लोबल टाइम्स को बताया, ‘मुझे अच्छा लगता है कि मीबाओ मेरी मदद करेगा। उसने यह भी कहा कि मानव चौकीदार का सुरक्षा कार्य भारी था, जिससे पूरे दिन गश्त करना पड़ता है। हाल के वर्षों में बीजिंग के कुछ जिलों ने स्मार्ट डिजिटल सुरक्षा उपायों और निवासियों के लिए सुविधाजनक सेवाओं को अपनाया है। रोबोट अब कार बनाने, मोर्चे पर सैनिकों की मदद करने या अंतरिक्ष शोध के काम आने लगे हैं। रोबोट खानसामे भी आने वाले हैं जो आपको घर में खाना परोसेंगे।

लेकिन अत्याधुनिक रोबोट बुद्धि का ईजाद तो अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर साइंस की प्रोफेसर स्टेफनी टेलेक्स ने किया है। टेलेक्स ने सोचा कि अगर रोबोट में रोजमर्रा के काम करने के लिए सॉμटवेयर भरा जा सकता है तो उसे दूसरे रोबोट को जानकारी देने और काम के लिए सिखाने का सॉμटवेयर भी भरा जा सकता है। पिछले दिनों उन्होंने रोबोटिक्स पर काम करने वाले शोधकर्ताओं को ऐसी कृत्रिम बुद्धि विकसित करने का प्रोत्साहन देने के लिए ‘मिलियन आॅब्जेक्ट चैलेंज’ शुरू करने का फैसला किया। ताकि ऐसे रोबोट बनाये जा सकें जो दूसरे रोबोट को काम करने की सीख दे सकें। इसी के साथ दूसरे शोधकर्ता ‘डीप लर्निंग’ पर काम कर रहे हैं। यानी यह हमारे दिमाग के न्यूट्रल नेटवर्क की तरह काम करता है, जिसमें सूचनाओं को खंगाला जाता है। उद्योग जगत में ऐसी कृत्रिम टेज्निंग की जरूरत है जो पूरी तरह स्वचालित हो। ऐसे रोबोट डाटा जुटाने और उसे प्रोसेस करने में कारगर हो सकते हैं।

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