साकार हुआ कोहली का विराट सपना

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भारतीय टेस्ट क्रिकेट के 71 साल के इतिहास में जो करिश्मा कोई भी कप्तान नहीं कर सका, वह विराट कोहली ने कर दिखाया। कोहली की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रंखला 2-1 से जीतकर आॅस्ट्रेलिया में अपने 71 साल के इतिहास को बदल दिया है। इसी के साथ भारतीय टीम ऐसी पहली एशियाई टीम भी बन गई है, जिसने आॅस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट शृंखला जीती है।
भारतीय टीम ने चार टेस्ट मैचों की शृंखला 2-1 से जीती। भारत ने एडिलेट में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 31 रनों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद पर्थ में आॅस्ट्रेलिया ने दूसरा टेस्ट मैच 146 रनों से जीता। मेलबर्न में खेला गया तीसरे टेस्ट भारत ने 137 रनों से जीता,जबकि सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट बारिश के कारण रद्द बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। आॅस्ट्रेलियाई दौरे पर 71 साल बाद टेस्ट शृंखला की जीत में भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुजारा को मैन आॅफ द सीरीज चुना गया। चार मैचों की शृंखला में पुजारा ने तीन शतक लगाए। वह आॅस्ट्रेलिया में एक सीरीज में 500 रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले विराट कोहली (2014-15 में 692) और राहुल द्रविड़ यह करिश्मा कर चुके थे। सिडनी टेस्ट में बनाए 193 रन सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
पुजारा के अलावा युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इस शृंखला में बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया। वह आॅस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर बने। सिडनी में उन्होंने 159 रनों की नाबाद पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा। वह आॅस्ट्रेलिया में एक शृंखला में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले भारतीय विकेटकीपर भी बने। पंत ने सीरीज में कुल 20 कैच पकड़े। कप्तान विराट कोहली ने भी शृंखला में शानदार प्रदर्शन किया। कोहली ने शृंखला में 40.28 के औसत से 282 रन बनाए। इसमें उन्होंने एक शतक लगाया। यह आॅस्ट्रेलिया में उनके टेस्ट करियर का छठा शतक था। इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर के आॅस्ट्रेलिया में लगाए गए सबसे ज्यादा टेस्ट शतक के भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इस दौरे पर कमाल का प्रदर्शन किया। बुमराह ने 4 मैचों में 21 विकेट लिए। बुमराह के अलावा मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और कुलदीप यादव ने भी शानदार प्रदर्शन किया। शमी ने 16 और ईशांत ने 11 विकेट लिया।
भारतीय टीम वर्ष 1947 से आॅस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है और तब से लेकर अब तक टीम 11 बार आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ आॅस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला खेल चुकी है। इनमें से 8 शृंखलाओं में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। वहीं तीन शृंखलाएं ड्रॉ रही हैं। पिछले लगातार तीन आॅस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम ने टेस्ट शृंखला गंवाई है। आॅस्ट्रेलिया में भारत की मुश्किल का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वहां टीम अब तक 44 टेस्ट में सिर्फ पांच ही जीत पाई है। उसे 28 में हार का सामना करना पड़ा है और 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो भारतीय टीम ने सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर की कप्तानी में आॅस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच जीता है। खास बात यह है कि अब तक 11 भारतीय कप्तान आॅस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके हैं, जिनमें नौ कप्तानों को वहां एक भी जीत नसीब नहीं
हुई है।

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